सनातन धर्म मे ज्योतिष शास्त्र का बहुत महत्व है। ज्योतिष जन्मकुंडली देखकर यह गणना करते है की व्यक्ति की कुंडली मे कोई दोष है या नही। यदि कुंडली मे किसी प्रकार का कोई दोष हो तो व्यक्ति को जीवन विषम परिस्थितियो का सामना करना पड़ता है। साथ ही आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ता है। कुंडली मे कई प्रकार के दोष लगते है। इन्ही दोषो मे से एक दोष है शंखपाल कालसर्प दोष। आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे की शंखपाल कालसर्प दोष क्या होता है? और शंखपाल कालसर्प दोष के उपाय क्या है?
शंखपाल कालसर्प दोष क्या होता है?
ज्योतिषों के अनुसार कुंडली मे द्वादश भाव होते है। इन द्वादश भावो मे ही शुभ और अशुभ ग्रह उपस्थित होते है। जब केतू तृतीय भाव मे और राहू नवम भाव मे उपस्थित हो, और इन दोनों के मध्य शेष शुभ अशुभ ग्रह आ जाए तब कुंडली मे शंखपाल कालसर्प दोष बनता है। आसान शब्दो मे जब केतू तृतीय और राहू नवम भाव मे हो तो शंखपाल कालसर्प दोष योग बनता है।
शंखपाल कालसर्प दोष के लक्षण क्या है?
शंखपाल कालसर्प दोष के लक्षण निम्नलिखित है।
- जातक को बुरे सपने आते है।
- इस दोष के कारण व्यक्ति माता पिता के स्नेह और आशीर्वाद मे कमी आती है।
- इस दोष से ग्रसित व्यक्ति को अपने ही दोस्तो और रिश्तेदारों से धोखे मिलते रहते है।
- दांपत्य जीवन मे भी समस्याओ का सामना करना पड़ता है।
- व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान रहता है।
- शुभ कार्य भी बिना बाधा के पूर्ण नहीं होता है।
- व्यापार, मकान और भूमि मे सदैव हानि का सामना करना पड़ता है।
यदि आप भी इस तरह की परेशानियों का सामना कर रहे है तो आपको शीघ्र ही अपनी कुंडली किसी विद्वान ज्योतिष को दिखानी चाहिए।
शंखपाल कालसर्प दोष के उपाय क्या है?
शंखपाल कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर सकते है-
- चाँदी के सर्प किसी बहती नदी मे प्रवाहित करने चाहिए
- सर्प मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए।
- शनिवार के दिन तामसिक पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए।
- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
- किसी दोस्त या रिश्तेदार के साथ कोई व्यवसाय साझेदारी मे नहीं खोलना चाहिए।
- भगवान श्री कृष्ण को पहले मोरपंख से सजाने और फिर उनकी पूजा करने से इस दोष का दुष्प्रभाव कम होता है।
शंखपाल कालसर्प दोष निवारण पूजा
शंखपाल कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव को सदैव के लिए समाप्त करने लिए शंखपाल कालसर्प दोष निवारण पूजा उज्जैन मे की जाती है। पूजा करवाने के बाद ही आप अपने जीवन मे आ रही सभी प्रकार की समस्याओ से छुटकारा पा सकते है। पूजा के बाद आप अपने जीवन मे कई प्रकार के बदलाव देख सकते है।
शंखपाल कालसर्प दोष एक बहुत ही खतरनाक दोष है, इसके लिए किसी अनुभव वाले पंडित जी से ही पूजा करवानी चाहिए। आचार्य दीपक व्यास जी को पिछले 21 वर्षो से अधिक समय से शंखपाल कालसर्प दोष निवारण पूजा और अन्य मांगलिक कार्यो को करने का अनुभव प्राप्त है। पंडित जी की पूजा के पश्चात अनेक यजमानों को सकारात्मक लाभ प्राप्त हुआ है।
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