उज्जैन में मंगल दोष पूजा बुक करे
मंगल दोष से मुक्ति हेतु उज्जैन में पूजा सम्पन्न कराये, 20+ वर्षों से अधिक अनुभवी आचार्य दीपक व्यास जी के साथ मंगल दोष पूजा करवाएं। विवाह, करियर और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाएं।
अभी पंडित जी को कॉल करे और मंगल पूजा की प्रक्रिया, समय व पूजा में होने वाले खर्च की जानकारी ले।
- मंगल दोष पूजा
- भात पूजा
- मांगलिक दोष पूजा
मंगल दोष क्या है?
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या द्वादश भाव में स्थित हो तो उसे मांगलिक माना जाता है, इसे मंगल दोष भी कहते है। इस दोष के कारण व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में समस्याये होने लगती है। यह कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति पर निर्भर करता है की व्यक्ति के जीवन में समस्या किस प्रकर की एवं कितनी विकट होगी। कुछ ज्योतिष इस दोष को तीनों लग्न अर्थात लग्न के अतिरिक्त चन्द्र लग्न, सूर्य लग्न और शुक्र लग्न से भी देखते है।
क्या मांगलिक का विवाह मांगलिक से होना चाहिए?
किसी भी मांगलिक व्यक्ति का विवाह मांगलिक कुंडली वाले से ही हो ऐसा आवश्यक नहीं है। मंगल लग्न चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में विपरीत परिणाम आमतौर पर देता है। इसी कारण मंगल के सामने दूसरी कुंडली में मंगल इन्ही स्थानो में हो तो अच्छा माना जाता है, इसे मांगलिक का मांगलिक से मिलान कहते है।
इसके अलावा यदि कुंडली में मंगल इनमे से किसी एक स्थान पर हो और और दूसरी कुंडली में मंगल नहीं हो, तो तब शनि या राहू, केतू और सूर्य में से कोई एक ग्रह इनमे से ही किसी एक स्थान पर हो तो भी उससे मांगलिक कुंडली का मिलान हो सकता है।
क्या 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष दूर हो जाता है?
कुछ लोगो का यह मानना है की 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष दूर हो जाता है किन्तु यह एक भ्रम से ज्यादा और कुछ नहीं है, हाँ 28 वर्ष की आयु के पश्चात मंगल का प्रभाव तो रहेगा किन्तु दुष्प्रभाव जरूर कम हो जाएगा। यदि व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है, तो मंगल 28 वर्ष तक विवाह नहीं होने देता है किन्तु यदि उसमे कुछ शुभता है, तो वह 24 वें वर्ष में ही विवाह करवा देता है।
मंगल दोष दूर करने के उपाय
जिस किसी भी व्यक्ति की कुंडली मांगलिक और मंगल दोषदयी हो तो उस व्यक्ति यह निम्न उपाय करने चाहिए जिससे की मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके।
1. मांगलिक कुंडली वाले व्यक्ति को मंगलवार का व्रत करना चाहिए, व्रत वाले दिन नमक का सेवन न करे, शाम के समय कुंकुंम का त्रिकोण थाली में बनाकर उसे लाल चन्दन, लाल पुष्प, धूप दीप और नैवेद्य समर्पित करे इसके बाद रोटी, घी और गुड़ का सेवन करे।
2. अं अंगकराय नमः का जाप हर मंगलवार के करे।
3. यदि कुंडली में मंगल दोष प्रबल है तो मंगल चंडिका स्त्रोत का पाठ करे , पूर्वाभिमुख बैठकर पंचमुखी दीप प्रज्वलित कर अपने इष्ट का एवं मंगल ग्रह का पूजन करने के पश्चात जाप करे ।
“रक्ष जगन्मातर्देवि मंगलचंडिके ! हारिके विपदां राशे हर्षमंगलकारिके !!
हर्ष मंगलदक्षे च हर्ष मंगलदायिके ! शुभे मंगलदक्षे च शुभे मंगलचंडिके !!
मंगले मंगलार्हे च सर्वमंगल मंगले ! सदा मंगलदे देवि सर्वेषां मंगलालये !!”
वैसे तो मंगल दोष निवारण के कई उपाय है, किन्तु उनमे समय और थोड़ा परिश्रम लग सकता है और अगर आपकी कुंडली में मंगल दोष है, तो आपके विवाह में बहुत सारी समस्याए आ रही होंगी, शीघ्र ही सारी परेशानियों से मुक्ति चाहिए तो सबसे सरल उपाय यही रहेगा की आप भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन पधारकर मंगल दोष निवारण पूजा कराये जिससे आपको सटीक परिणाम मिल सके। आप चाहे तो अभी पंडित जी से बात करके मुफ्त परामर्श ले सकते है।
उज्जैन में मंगल पूजा का कितना खर्चा आता है?
अगर आप उज्जैन में मंगल दोष शांति पूजा कराते है तो आप नीचे दी गयी 3 प्रकार की पूजा करा सकते है। आपकी आवश्यकता अनुसार पूजा का खर्च थोड़ा कम या अधिक हो सकता है, इसलिए पहले पंडित जी से बात जरूर करे।
-
मंगल दोष सामान्य पूजा
₹ 3100सामान्य मंगल दोष पूजा में पूरी सामग्री और इसमे दक्षिणा भी सम्मिलित होती है। जिसमे मात्र 3100 रुपए का खर्च आता है।
-
महा मंगल दोष पूजा
₹ 5100महा मंगल पूजा में सामग्री दक्षिणा और 2 पंडित जी शामिल होते है जिनके द्वारा जाप भी किया जाता है। महा मंगल पूजा में 5100 रुपए का खर्च आता है।
-
विशेष मंगल भात पूजा
₹ 11,000विशेष मंगल भात पूजा में पूजन सामग्री, दक्षिणा सम्मिलित होती है, इस पूजा में 10,000 मंगल जाप होते है। यह पूजा 7 पंडित जी द्वारा करायी जाती है जिसमे 11,000 का खर्च आता है।
मंगल दोष पूजा के लिए संपर्क करे
आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा उज्जैन में मंगल दोष पूजा हेतु वर्ष भर लोग आते है और अपनी परेशानियों से मुक्ति पाते है, अगर आप भी अपने जीवन में कई सारी परेशानियों का सामना कर रहे है और आपका कोई काम नहीं हो पा रहा है, तो अभी पंडित जी से मंगल दोष पूजा के बारे में निशुल्क परामर्श अवश्य ले।
मंगल दोष पूजा: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मंगल दोष क्या होता है?
कुंडली में जब मंगल ग्रह लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में होता है, तो उसे मंगल दोष कहा जाता है। इसके प्रभाव से विवाह में देरी, वैवाहिक जीवन में कलह और करियर में बाधाएं आ सकती हैं।
प्रश्न 2: मंगल दोष निवारण पूजा कहां कराई जाती है?
यह पूजा उज्जैन के प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में कराई जाती है। मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह का जन्म स्थान माना जाता है, इसलिए यहां की गई पूजा अत्यंत प्रभावी मानी जाती है।
प्रश्न 3: मंगल दोष पूजा में कितना खर्च आता है?
सामान्य पूजा ₹3,100, महा पूजा ₹5,100 और विशेष भात पूजा ₹11,000 में कराई जाती है। आप अपनी कुंडली दिखाकर पहले परामर्श करें, फिर अपनी सुविधा अनुसार पूजा चुनें।
प्रश्न 4: क्या पूजा ऑनलाइन भी कराई जा सकती है?
हां, यदि आप उज्जैन नहीं आ सकते, तो पूजा ऑनलाइन लाइव वीडियो कॉल के माध्यम से कराई जाती है। पूजा के समय आप जुड़कर संकल्प ले सकते हैं और पूरी पूजा देख सकते हैं।
प्रश्न 5: पूजा बुक करने के लिए क्या जानकारी देनी होगी?
पूजा बुक करने के लिए आपको अपना नाम, गोत्र और जन्म विवरण (जन्म तिथि, समय और स्थान) बताना होता है। इसके बाद शुभ मुहूर्त देखकर पूजा की तारीख तय की जाती है।