उज्जैन मे कालसर्प दोष निवारण पूजा बुक करे
उज्जैन मे वैदिक विधि से कालसर्प दोष शांति पूजा सम्पन्न कराये, 21 वर्षों से अधिक अनुभवी आचार्य दीपक व्यास जी के साथ। उज्जैन मे कालसर्प दोष शांति पूजा ₹2,500 से शुरू होती है।
अभी पंडित जी को कॉल करे और पूजा की प्रक्रिया, समय व पूजा मे होने वाले खर्च की जानकारी ले।
- अनुभवी पंडित जी
- निशुल्क परामर्श
- वैदिक पद्धति द्वारा पूजा
कालसर्प दोष क्या है?
जब किसी जातक की कुंडली मे सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते है, तब कालसर्प योग (कालसर्प दोष) बनता है, इसलिए इसे राहु केतु दोष भी कहा जाता है। ज्योतिष की मान्यता के अनुसार इसका प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग माना जाता है, और कई लोग इसे कार्यों मे देरी या बार-बार रुकावट से जोड़कर देखते है।
आपकी कुंडली मे यह योग है या नहीं और कौनसा प्रकार है, यह जन्म कुंडली देखकर ही बताया जा सकता है। इसके लिए पंडित जी से निशुल्क परामर्श लिया जा सकता है।
कालसर्प योग कितने प्रकार के होते है? (Types of Kaal Sarp Yog)
कालसर्प दोष मुख्य रूप से 12 प्रकार के माने जाते है। कुंडली मे कौनसा प्रकार है, इसकी पहचान जन्म कुंडली देखकर ही की जा सकती है।
- अनन्त कालसर्प दोष
- कुलिक कालसर्प दोष
- वासुकि कालसर्प दोष
- शेषनाग कालसर्प दोष
- शंखपाल कालसर्प दोष
- पद्म कालसर्प दोष
- महापद्म कालसर्प दोष
- विषधर कालसर्प दोष
- कर्कोटक कालसर्प दोष
- शंखचूर्ण कालसर्प दोष
- घातक कालसर्प दोष
- तक्षक कालसर्प दोष
किसी विशेष प्रकार के बारे मे विस्तार से जानने के लिए शंखपाल कालसर्प दोष का लेख भी पढ़ सकते है।
कालसर्प दोष कब तक रहता है?
कुछ परंपराओं मे माना जाता है कि कालसर्प योग जातक की कुंडली मे लगभग 42 वर्ष की आयु तक अपना प्रभाव रखता है। यह मान्यता ज्योतिष की परंपरा पर आधारित है, और हर कुंडली का विश्लेषण अलग होता है।
धार्मिक आस्था के अनुसार, कई लोग समय रहते शांति पूजा कराना शुभ मानते है। अपनी कुंडली के अनुसार सही सलाह के लिए पंडित जी से परामर्श ले।
कालसर्प दोष निवारण के लिए उज्जैन मे पूजा
कालसर्प दोष शांति के कई उपाय बताये जाते है। उनमे से उज्जैन, भगवान महाकाल की नगरी मे, वैदिक विधि से कालसर्प दोष निवारण पूजा कराना श्रद्धालुओं की पसंदीदा परंपरा है।
कई लोगों को पूजा के बाद अच्छे परिणाम मिले है। आप चाहे तो अभी पंडित जी से बात करके निशुल्क परामर्श ले सकते है।
कालसर्प दोष पूजा विधि (Puja Vidhi)
उज्जैन मे कालसर्प दोष शांति पूजा वैदिक पद्धति से संपन्न कराई जाती है। पूजा का सामान्य क्रम इस प्रकार रहता है:
- संकल्प (Sankalp) – पूजा की शुरुआत संकल्प से होती है। पंडित जी यजमान का नाम और गोत्र लेकर कालसर्प दोष की शांति की मनोकामना के साथ पूजा का संकल्प कराते हैं।
- गणेश पूजन (Ganesh Pujan) – किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान श्री गणेश का पूजन किया जाता है, ताकि पूजा बिना किसी विघ्न के पूर्ण हो सके।
- कलश स्थापना (Kalash Sthapana) – पूजा स्थल पर कलश की स्थापना की जाती है और सभी देवी-देवताओं का आवाहन किया जाता है।
- नवग्रह पूजन (Navgrah Pujan) – राहु और केतु सहित सभी नौ ग्रहों का पूजन किया जाता है, क्योंकि कालसर्प दोष का संबंध राहु-केतु से माना जाता है।
- सर्प-शांति मंत्र जाप (Sarpa-Shanti Mantra Jaap) – सर्प देवताओं की शांति के लिए वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है।
- हवन (Havan) – मंत्र जाप के पश्चात हवन किया जाता है, जिसमें हवन सामग्री से आहुतियाँ अर्पित की जाती हैं।
- पूर्णाहुति (Purnahuti) – हवन की समाप्ति पर पूर्णाहुति दी जाती है, जो पूजा के पूर्ण होने का प्रतीक मानी जाती है।
- दक्षिणा (Dakshina) – पूजा पूर्ण होने पर पंडित जी को यथाशक्ति दक्षिणा अर्पित की जाती है।
पूजा की विस्तृत विधि और आवश्यक सामग्री की जानकारी पंडित जी परामर्श के समय बता देते है।
कालसर्प दोष पूजा के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
कालसर्प दोष शांति पूजा के लिए अमावस्या, नाग पंचमी, महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और पितृ पक्ष जैसे अवसर शुभ माने जाते है। धार्मिक मान्यता है कि इन अवसरों पर की गई पूजा का विशेष महत्व होता है।
हर यजमान की कुंडली और परिस्थिति अलग होती है, इसलिए पूजा से पहले पंडित जी से शुभ मुहूर्त निकलवाना अच्छा रहता है। विस्तृत जानकारी के लिए कालसर्प दोष पूजा मुहूर्त का पेज देखे।
कालसर्प दोष पूजा के लिए उज्जैन ही क्यों? (Why Ujjain)
उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है। यहाँ ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर विराजमान है, जिन्हें काल के स्वामी के रूप मे पूजा जाता है। धार्मिक आस्था के अनुसार, महाकाल की नगरी मे की गई शांति पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
शिप्रा नदी के तट पर स्थित राम घाट अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध है, और सिद्धाश्रम भी पूजा-अनुष्ठानों के लिए जाना जाता है। इसी कारण देश भर से श्रद्धालु कालसर्प दोष शांति पूजा के लिए उज्जैन आते है।
उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा का कितना खर्चा आता है?
उज्जैन मे कालसर्प दोष शांति पूजा ₹2,500 से शुरू होती है। पूजा का सटीक खर्च चुनी गई पूजा विधि पर निर्भर करता है, क्योंकि विधि के अनुसार ही सामग्री और पूजा की व्यवस्था तय होती है।
सटीक खर्च जानने के लिए पंडित जी से सीधे बात करे, परामर्श निशुल्क है। विस्तार से पढ़े: उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा खर्च।
कालसर्प दोष पूजा से पहले क्या तैयारी करे?
पूजा बुक करने से पहले कुछ सामान्य बातों की जानकारी रखना अच्छा रहता है। सबसे पहले अपनी जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान की जानकारी साथ रखे, ताकि पंडित जी आपकी कुंडली देखकर बता सके कि कुंडली मे कालसर्प योग है या नहीं और कौनसा प्रकार है। यह परामर्श निशुल्क है। इसके बाद पूजा की तारीख, पूजा स्थल और पूजा विधि के बारे मे पंडित जी से बात करके अपनी सुविधा अनुसार दिन तय करे। पूजा की सामग्री और व्यवस्था की जानकारी भी बुकिंग के समय पंडित जी से ले ले। परंपरा के अनुसार पूजा के दिन स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनकर, शांत मन और श्रद्धा के साथ पूजा मे बैठना शुभ माना जाता है। पूजा की तिथि के लिए कालसर्प दोष पूजा का शुभ मुहूर्त और कालसर्प दोष पूजा कब होती है लेख भी देख सकते है।
पूजा के दौरान और उसके बाद क्या अपेक्षा रखे?
पूजा का आरंभ संकल्प से होता है और इसके बाद गणेश पूजन, कलश स्थापना और ग्रह-शांति से जुड़े मंत्र व अनुष्ठान वैदिक पद्धति से किए जाते है। पूजा का पूरा क्रम ऊपर दी गई पूजा विधि मे बताया गया है, और बुकिंग से पहले आप इसकी जानकारी पंडित जी से ले सकते है। धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा के बाद शांत मन से शिव आराधना, मंत्र जाप और दान-पुण्य जैसे सत्कर्म करना शुभ माना जाता है। कई लोगों को पूजा के बाद अच्छे परिणाम मिले है।
उज्जैन मे पूजा स्थल और यात्रा की जानकारी
उज्जैन मे कालसर्प दोष शांति पूजा शिप्रा नदी के तट पर राम घाट और सिद्धाश्रम जैसे स्थानों पर कराई जाती है। पूजा किस स्थान पर होगी, इसकी पूरी जानकारी बुकिंग के समय दी जाती है। उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अक्सर पूजा के साथ महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन का कार्यक्रम भी बनाते है। इसलिए यात्रा की योजना बनाते समय पूजा का दिन पहले तय कर ले, ताकि दर्शन और पूजा दोनों के लिए पर्याप्त समय रहे। जो लोग उज्जैन नहीं आ सकते, वे कालसर्प दोष पूजा ऑनलाइन के बारे मे पंडित जी से जानकारी ले सकते है।
कालसर्प दोष को लेकर आम सवाल
कालसर्प योग को लेकर लोगों के मन मे कई सवाल रहते है। ज्योतिष की परंपरा मे इसे कुंडली का एक योग माना जाता है, जिसमे सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते है। हर कुंडली अलग होती है, इसलिए यह योग आपकी कुंडली मे है या नहीं, यह जन्म कुंडली देखकर ही तय किया जा सकता है। केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय अपनी कुंडली का विश्लेषण कराना और अनुभवी पंडित जी से परामर्श लेना उचित रहता है। धार्मिक आस्था के अनुसार शांति पूजा, महामृत्युंजय जाप और शिव अभिषेक को इस योग की शांति के उपायों मे गिना जाता है। इसके प्रकार जानने के लिए आंशिक कालसर्प दोष, शंखपाल कालसर्प दोष और शंखचूर्ण कालसर्प दोष के बारे मे पढ़ा जा सकता है।
कालसर्प दोष शांति के पारंपरिक उपाय
पूजा के अलावा परंपरा मे कई सरल उपाय बताये जाते है, जैसे शिव मंदिर मे जल अभिषेक, नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा और मंत्र जाप। विस्तार से जानने के लिए कालसर्प दोष निवारण मंत्र और कालसर्प दोष के उपाय लेख पढ़े। यदि आप मंत्र जाप करवाना चाहते है, तो महामृत्युंजय जाप पूजा के बारे मे भी जान सकते है।
Kaal Sarp Dosh Puja Ujjain FAQs
जब किसी जातक की कुंडली के सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते है, तब कालसर्प दोष बनता है। इसे राहु-केतु दोष भी कहा जाता है। यह ज्योतिष की मान्यता पर आधारित है।
पूजा ₹2,500 से शुरू होती है। सटीक खर्च चुनी गई पूजा विधि पर निर्भर करता है, इसलिए पंडित जी से सीधे संपर्क करे।
पूजा मे लगने वाला समय चुनी गई विधि पर निर्भर करता है। बुकिंग और परामर्श के समय पंडित जी पूजा की अवधि की जानकारी दे देते है।
पूजा उज्जैन मे पंडित जी के मार्गदर्शन मे निर्धारित पूजा स्थल पर संपन्न कराई जाती है। पूजा स्थल की जानकारी बुकिंग के समय दी जाती है।
पूजा की बुकिंग फोन पर की जा सकती है। पंडित जी को कॉल करके या WhatsApp पर संपर्क करके आप पूजा का दिन तय कर सकते है और निशुल्क परामर्श ले सकते है।
आवश्यक सामग्री की सूची पंडित जी परामर्श के समय बता देते है।
पूजा से जुड़े नियम पंडित जी पूजा से पहले यजमान को बता देते है।
पूजा पूर्ण होने पर पंडित जी को यथाशक्ति दक्षिणा अर्पित की जाती है। इससे जुड़ी जानकारी के लिए पंडित जी को कॉल करके पूछा जा सकता है।
पंडित दीपक व्यास जी के बारे मे
आचार्य दीपक व्यास उज्जैन के अनुभवी आचार्य है। 21 वर्षों से अधिक के अनुभव मे उन्होंने उज्जैन मे 15,000 से अधिक पूजाएँ वैदिक विधि से संपन्न कराई है। आप भी निसंकोच पंडित जी को कॉल करके पूजा परामर्श अवश्य ले। कालसर्प दोष पूजा के साथ आप इन पूजाओं के लिए भी संपर्क कर सकते है: मंगल दोष शांति पूजा, नवग्रह शांति पूजा, अंगारक दोष पूजा, गुरु चांडाल दोष पूजा, महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान और रुद्राभिषेक पूजा।
कालसर्प दोष पूजा के लिए संपर्क करे
आचार्य दीपक व्यास जी द्वारा उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा हेतु वर्ष भर लोग आते है। अगर आप भी कालसर्प दोष पूजा कराना चाहते है, तो अभी पंडित जी से निशुल्क परामर्श ले और पूजा का दिन तय करे।