कालसर्प दोष की पूजा कब होती है? इस बात को लेकर आज कल लोग बहुत अधिक परेशान रहते है, क्योकि किसी ज्योतिषी द्वारा उन्हे कालसर्प दोष के बारे मे तो बता दिया जाता है पर उन्हे यह नहीं बताया जाता की उन्हे कब कालसर्प दोष पूजा करानी चाहिए, आज हम आपको यह बताएँगे की कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ कौन कौन सी है। जिस दिन आप आपनी कालसर्प दोष निवारण पूजा सम्पन्न करा सकते है।
कालसर्प दोष पूजा हेतु अमावस्या, नाग पंचमी (6 अगस्त 2027), महाशिवरात्रि (6 मार्च 2027) और सावन के सोमवार (19/26 जुलाई, 2/9/16 अगस्त 2027) विशेष शुभ माने जाते हैं।बुकिंग के लिए पंडित जी को कॉल करेंसंपर्क करें।
कालसर्प दोष पूजा के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
वैसे तो जातक को कालसर्प दोष का पता चलने के तुरंत बाद ही यह पूजा करवानी चाहिए, पर नीचे कुछ विशेष तिथियाँ दी गई है, इन तिथियों पर कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाने से जातक को बहुत से लाभ प्राप्त होते है।
- नागपंचमी – श्रावण मास मे आने वाली नागपंचमी को भी कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाने के लिए बहुत ही उत्तम तिथि माना गया है, नागपंचमी के दिन पूरे विधि विधान से पूजा कराने से काल सर्प दोष से मुक्ति अवश्य मिल जाती है।
- अमावस्या – ज्योतिषियो के अनुसार माना जाए तो, अमावस्या को कालसर्प दोष पूजा करवाना सबसे उत्तम माना गया है, अमावस्या मे भी माघ अमावस्या, वैशाख अमावस्या, श्रावण अमावस्या और आश्विन अमावस्या का विशेष महत्व होता है, इसके अलावा अगर कभी बीच मे सोमवती या शनैश्चरी अमावस्या आ जाए तो और भी शुभ माना जाता है।
- पितृ पक्ष – जातक पितृ पक्ष मे किसी भी समय कालसर्प दोष शांति पूजा करवा सकता है, क्योंकि आश्विन कृष्ण पक्ष प्रथमा से अमावस्या तक के 15 दिनों में कालसर्प दोष और पितृ दोष की शांति के लिए खास उपाय किए जा सकते हैं।
- मास शिवरात्री – हिन्दी कलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मास शिवरात्रि मनाई जाती है, और अगर आप कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो ये दिन भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है तो इस दिन पूजा कराने से तुरंत ही फल प्राप्त हो सकता है।
कालसर्प दोष पूजा कैसे कराए
कालसर्प दोष का पता चलने के बाद अगर आप भी इनमे से किसी शुभ मुहूर्त मे कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाना चाहते है लेकिन आपको ये समझ नही आ रहा है की आप कालसर्प दोष पूजा कैसे कराए तो इस समस्या के समाधान के लिए आप हमारे आचार्य दीपक व्यास जी से संपर्क कर सकते है, और कालसर्प दोष और इसके निवारण के बारे मे मुफ्त परामर्श ले सकते है, और पंडित जी को अपनी कुंडली भी दिखा सकते है। पूजा बुकिंगबुकिंग के लिए पंडित जी को कॉल करें।
पंडित जी वैदिक अनुष्ठानों में आचार्य की उपाधि से विभूषित है एवं सभी प्रकार के दोष एवं बाधाओ के निवारण के कार्यो को करते हुए १५ वर्षो से भी ज्यादा समय हो गया है।अगर आप पंडित जी से बात करना चाहते है, तो अभी नीचे दिये हुए बटन को दबाएँ और पंडित जी से फ्री मे बात करे।
कालसर्प दोष पूजा के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ कोन कोन सी है?
कालसर्प दोष के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ मुख्यतः चार होती है , मास शिवरात्री, पितृ पक्ष, अमावस्या, नागपंचमी इन शुभ तिथियों पर कालसर्प दोष निवारण पूजा करने से कालसर्प दोष से जल्दी छुटकारा मिल जाता है।
काल सर्प योग कितने साल तक चलता है?
अगर आप कालसर्प दोष निवारण पूजा नहीं कराते है तो आपकी कुंडली मे कालसर्प दोष का असर कम से कम 48 वर्षो तक रहता है।
कालसर्प दोष के लक्षण क्या होते हैं?
मन में हमेशा नकारात्मक विचार आना, खुद को असफल समझना, आत्महत्या करने का विचार आना, खुद को असफल समझना, मन में हमेशा नकारात्मक विचार आना, दांपत्य जीवन में कलह और तनाव का रहना, संतान उत्पत्ति में बाधा इसके अलावा प्रेम संबंधों में बाधा और परेशानी का आना कालसर्प दोष के लक्षण है।
