अर्क विवाह पूजा उज्जैन

अर्क विवाह पूजा, यह पूजा खास तोर पर कुंडली मे से मंगल दोष को दूर करने के लिए की जाती है। जैसा की आप जानते है, मंगल दोष या मांगलिक दोष किसी भी व्यक्ति की कुंडली मे परिलक्षित होने वाले खतरनाक दोषो मे से एक है और इस दोष के कारण जातक को विवाह से संबन्धित बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

मांगलिक दोष के कारण हो रही इन विवाह संबन्धित परेशानियों को दूर करने के लिए अर्क विवाह पूजा की जाती है, इस लेख मे हम आपको अर्क विवाह के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। जैसे अर्क विवाह क्या होता है? अर्क विवाह किन पुरुषो का किया जाता है और साथ ही हम आपको यह भी बताएँगे की अर्क विवाह पूजा कहा चाहिए।

अर्क विवाह क्या होता है?

अर्क विवाह क्या होता है?

अर्क विवाह पूजा एक वैवाहिक अनुष्ठान है जो की मांगलिक पुरुषो की कुंडली मे से मंगल दोष के प्रभाव को खत्म करने के लिए किया जाता है। मंगल दोष से पीड़ित पुरुषो को विवाह से संबन्धित बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे विवाह में देरी, बाधाएं और वैवाहिक जीवन में परेशानियां।

अर्क विवाह पूजा किसी भी पुरुष के विवाह से पहले की जाती है। यह विधि शुभ मुहूर्त में, हस्त नक्षत्र में या शनिवार या रविवार के दिन की जाती है। अर्क विवाह में, पुरुष को अर्क वृक्ष को पत्नी के रूप में स्वीकार करना होता है। विधि के बाद, पुरुष अर्क वृक्ष को पवित्र जल से स्नान कराता है, उसे वस्त्र और आभूषण पहनाता है, और मंगलसूत्र बांधता है। ऐसा करने से जातक को उसके वैवाहिक जीवन मे चल रही सारी समस्याओ से छुटकारा मिल जाता है।

अर्क विवाह क्यो किया जाता है?

अर्क विवाह क्यो किया जाता है?

अर्क विवाह मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से किया जाता है:

  • मांगलिक दोष: यदि किसी पुरुष की कुंडली में मंगल दोष होता है, तो उस पुरुष को विवाह में देरी, बाधाएं, या वैवाहिक जीवन में अशांति का सामना करना पड़ सकता है। अर्क विवाह मांगलिक दोष को कुंडली मे से दूर करने के लिए किया जाता है।
  • यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की दशा विवाह के लिए अनुकूल नहीं है, तो अर्क विवाह करके ग्रहों की दशा को अनुकूल बनाया जा सकता है।
  • यदि किसी पुरुष के विवाह मे देरी हो रही हो या किसी कारण से उसकी शादी बार बार टूट रही हो तो इस स्थिति मे अर्क विवाह किया जाता है।
  • अर्क विवाह दाम्पत्य जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाने के लिए भी किया जाता है।
  • अर्क विवाह व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में सहायक माना जाता है।

अर्क विवाह पूजा किन पुरुषो को करवाना चाहिए

अर्क विवाह पूजा करवाने वाले पुरुषों में निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • विवाह में देरी: यदि किसी भी पुरुष की शादी में लगातार देरी हो रही है, या किसी कारण से उसकी शादी टूट रही हो, तो यह मंगल दोष का प्रभाव हो सकता है। इस दोष को दूर करने के लिए पुरुष को अर्क विवाह पूजा सम्पन्न कराना चाहिए।
  • वैवाहिक जीवन में कष्ट: यदि पुरुष के वैवाहिक जीवन में लगातार कष्ट और झगड़े हो रहे हैं, तो यह भी मंगल दोष का प्रभाव हो सकता है।
  • कुंडली में मंगल दोष: यदि पुरुष की कुंडली में मंगल दोष है, तो अर्क विवाह पूजा करवाना फायदेमंद हो सकता है। इस पूजा से उसकी कुंडली से मंगल दोष का प्रभाव कम हो जाता है।

अर्क विवाह पूजा के लाभ-

अर्क विवाह पूजा के लाभ

अर्क विवाह पूजा के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित है,

  • अर्क विवाह पूजा की मदद से मांगलिक पुरुष मंगल दोष से आसानी से मुक्ति पा सकता है।
  • अर्क विवाह पूजा की मदद से पुरुष के विवाह मे आ रही सारी समस्याए दूर हो जाती है।
  • अर्क विवाह होने के बाद कुंडली मे स्थित विवाह संबन्धित सारे दोष दूर हो जाते है।
  • अर्क विवाह पूजा पुरुष के विवाह के बाद उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाती है।

अर्क विवाह पूजा विधि

अर्क विवाह पूजा की विधि,

  • पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का चुनाव करना महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिषी से सलाह लेकर शुभ तिथि, समय और वार का चुनाव करें।
  • पूजा वाले दिन, वर को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • पूजा स्थान पर पीपल के पेड़ को स्थापित करें और उसे लाल वस्त्र से सजाएं।
  • पंडित/पुरोहित द्वारा विधिवत पूजा आरंभ करें।
  • वर को मंगलसूत्र पहनाकर अर्क (पीपल) के साथ विवाह की रस्में पूरी करें।
  • हवन/यज्ञ करें और दान-दक्षिणा दें।
  • पूजा के बाद, वर को कुछ समय के लिए पीपल के पेड़ के पास बैठना चाहिए।
  • पूजा की सामग्री को दान कर दिया जाना चाहिए।

अर्क विवाह पूजा कहाँ कराए

अर्क विवाह पूजा कहाँ कराए

वैसे तो आप अर्क विवाह पूजा कही पर भी करा सकते है, लेकिन उज्जैन मे अर्क विवाह पूजा सम्पन्न कराने को विशेष महत्व दिया जाता है। उज्जैन मे बारह जोतिर्लिंगों मे से एक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है इसीलिए उज्जैन को मद्य प्रदेश मे सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, और जो भी व्यक्ति उज्जैन मे किसी भी प्रकार की पूजा सम्पन्न कराता है उसे जल्दी ही सारी समस्याओ से छुटकारा मिल जाता है।

अगर आप भी अर्क विवाह पूजा उज्जैन मे कराना चाहते है और एक अच्छे पंडित की तलाश कर रहे है, तो आप आचार्या दीपक व्यास जी से समपर्क कर सकते है। दीपक व्यास जी उज्जैन मे पिछले कई वर्षो से पूजा कर रहे है। और पंडित जी के पास बहुत से लोगो ने पूजा कराई है और उनके जीवन मे आ रही सारी समस्याओ से छुटकारा पाया है।

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